DNU Foundation की दृष्टि एक ऐसे समाज की है जहाँ शिक्षा की शक्ति से हर शिक्षक सशक्त हो और सभी को समान अवसर प्राप्त हों।
DNU Foundation का उद्देश्य छात्रों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा और समर्पित सहायता प्रदान करना है। हम वंचित वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति, नि:शुल्क अध्ययन सामग्री, और डिजिटल शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराते हैं ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें। हमारी पहलों से छात्रों को न केवल शैक्षिक विकास मिलता है, बल्कि वे अपने करियर में भी आत्मनिर्भर बनते हैं।
DNU Foundation शिक्षकों के समर्पण और योगदान को मान्यता देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम शिक्षकों को नवीनतम प्रशिक्षण, प्रमाणन कार्यक्रम, और पेशेवर विकास कार्यशालाओं के माध्यम से सशक्त बनाते हैं। हमारा उद्देश्य शिक्षकों को उनके अनमोल प्रयासों के लिए उचित सम्मान देना और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में समर्थ बनाना है।
Dr Sunil Dubey
Founder and Board Member
बाबा भृगु की नगरी ,चिंटू पांडे की जन्मस्थली, बागी बलिया के नाम से ख्याति प्राप्त, हजारी प्रसाद द्विवेदी की मातृभूमि में अनेक महान व्यक्तियों को जन्म दिया है इनमें से एक है मेरे पिता श्री सिंहासन दुबे जिनका जन्म 1939 में इसी मिट्टी में हुआ और उन्होंने भारत के तीनों युद्ध अर्थात 1962 ,65 और 71 में युद्ध लड़कर अपने सब कुशल वापसी से अपना परिचय दियाl उसके बाद संपूर्ण जीवन सामाजिक कार्यों में लगा दिया l माता शांति देवी ने द्वितीय पुत्र के रूप में मुझे जन्म दिया 29 दिसंबर को बलिया जिला के बासुदेवा गांव में l पिता के नक्शे कदम पर चलते हुई मैंने शिक्षक के साथ सामाजिक कार्यों को प्राथमिकता दिया और अपने अथक प्रयास से हैदराबाद की भूमि को अपना कर्मभूमि बनाया l यही से उच्च शिक्षा प्र ाप्त करने के साथ भोजपुरी से एचडी करके अपने जीवन को सार्थक बनाया l इसके साथ ही लोगों को संगठित करने और समाज सेवा के प्रति लगन के चलते पिछले 25 वर्षों से हैदराबाद के विभिन्न विद्यालय में कार्य करने के साथ सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे l इसकी आवश्यकता पूर्ति हेतु मैंने राष्ट्रभाषा सेवा संघ के स्थापना शिक्षकों के समूह से किया जो 2014 से एक व्हाट्सएप समूह के रूप में शुरू किया गया l जिसका रजिस्ट्रेशन 2014 में एक एनजीओ के रूप में किया l और इसके संस्थापक के रूप में कार्य कर रहे हैं l देवनागरी उत्थान फाउंडेशन एक ऐसी संस्था है जो समाज के हितों के लिए कार्य कर रही है सर्वप्रथम अध्यापकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनका प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनको आत्मनिर्भर बनाने में इस संस्था का महत्वपूर्ण योगदान है पिछले 10 वर्षों में इसने 10000 से अधिक अध्यापकों को प्रशिक्षित करके अपना अतुलनीय योगदान समाज के अध्यापकों के लिए प्रदान किया है, जिसमें तकनीकी सहयोग से लेकर प्रशिक्षण के सहयोग शामिल है साथ ही साथ उनको तरह-तरह की अध्यापन सामग्री प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें व्यवसाय और रोजगार दिलाने में अपना योगदान दे रही है यह संस्था पिछले कई सालों से धार्मिक आयोजन में हिस्सा ले रही है जिसमें से प्रमुख रूप से होली मिलन समारोह और साथ ही छठ पूजा समारोह जो उत्तर भारत का एक प्रमुख पर्व है यह संस्था कई सामाजिक संस्थाओं को अपना प्रत्यक्ष और परोक्ष योगदान दे रही है जैसे वृक्षारोपण में मंदिर के ऊपर पेड़ लगाना और उनका संरक्षण करना दूसरा जरूरतमंद और गरीबों की सहायता के लिए कंबल और भोजन वितरण करना इसके साथ ही साथ यह संस्था अपने अन्य कार्यों के लिए भी जानी जाती है उत्तर भारतीयों के सहयोग और समर्थन देने के लिए उत्तर निवासी संघ की स्थापना करना इसमें शामिल है हिंदी के समर्पण और सहयोग को ध्यान में रखते हुए इस संस्था के संस्थापक डॉ सुनील दुबे को अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया है जैसे राजभाषा भूषण पुरस्कार ,महात्मा गांधी हिंदी सेवी , भाषा सहोदरी सेवी सम्मान जो की मॉरीशस में इन्हें प्रदान किया गया, यूके यूनिवर्सिटी द्वारा मानद डॉक्टर सम्मान, मेरी भाषा मेरी पहचान द्वारा भाषा सम्मान, मगध गौरव सम्मान कबीर सम्मान आदि अनेकों सामानों से सम्मानित किया जा चुके हैं, वे चाहते हैं कि समाज की सेवा ऐसी ही करते रहे और समाज के उत्थान में अपना योगदान देते रहे गरीब और गांव के लोगों को शहर तक पहुंच कर प्रशिक्षण देकर उन्हें एक व्यवसाय या रोजगार देना है कई उद्देश्यों के संस्था साथ ही साथ हमारे हिंदी को राष्ट्रभाषा के स्तर तक ले जाना यह प्रमुख उद्देश्यों में से एक है l इस संस्था का उद्देश्य इस बात से स्पष्ट होता है कि इस संस्था में जितने भी लोग हैं सभी हिंदी से जुड़े हुए हैं और हिंदी के प्रचार प्रचार में उत्तर भारत से लेकर के दक्षिण भारत तक अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं , आज संस्था के सदस्यों की संख्या 15000 से ज्यादा है और यह संस्था आज एक एनजीओ के रूप में रजिस्टर्ड हो चुकी है जिससे यह अपने उद्देश्यों को जल्द से जल्द और आसानी से पूरा करने में लगी हुई है । इसी की पूर्ति के लिए इस वर्ष से विशेष सम्मान समारोह का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर करते हुए इसने अब तक दो सम्मान समारोह आयोजित किए हैदराबाद की मिट्टी पर जिसमें सैकड़ो अध्यापकों को कई सम्मानों से सम्मानित किया गया जो कि हिंदी की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर चुके हैं ऐसे अध्यापकों को सम्मान देना इस संस्था के लिए गर्व की बात है साथ ही साथ एक दिसंबर को हैदराबाद में एक और विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें देश के 26 राज्यों के हिंदी से उपस्थित हो रहे हैं और उन्हें सम्मानित किया जा रहा है देवनागरी उत्थान सम्मान से जिसमें कुल 151 लोगों को सम्मानित करने का उद्देश्य रखा गया हैl आगामी कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय मंच देने का लक्ष्य रखा गया है lजिसमें श्रीलंका और थाईलैंड प्रमुख है जल्द ही इसकी सूचना समूह द्वारा प्रसारित किया जाएगाl संस्था के संस्थापक डॉ सुनील दुबे का मानना है कि हिंदी एक ऐसी भाषा है जो पूरे विश्व को जोड़ने का काम करती है परंतु दुर्भाग्य से हम अपने प्रदेशों को भी नहीं जोड़ पा रहे हैं इसलिए दिन-रात हिंदी के सेवा में लगे हुए हैं कि उसे उसके सम्मान तक पहुंचा जा सके और विश्व पटल पर एक हिंदी को अलग छवि प्रदान किया जा सके इनके द्वारा संचालित कार्यक्रमों में छात्रों के लिए हिंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया जो की 14 दिनों तक आभासी पटेल पर चला जिसके माध्यम से अंताक्षरी से लेकर के कविता लेखन तक के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और विभिन्न छात्रों को उनके उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया साथ ही साथ संस्था ने अनेक ऐसे लक्षण को निर्धारित किया है जिससे हिंदी सेवी अध्यापकों का मान सम्मान बढ़ सके, समय-समय पर विशेष अतिथियों द्वारा इस संस्था को विशेष सहयोग दिया जाता है जिसमें धरा धाम के संस्थापक डॉ सौरभ पांडे जी अग्रणी है, मदर टेरेसा फाउंडेशन के डॉक्टर पूजा निगम जी का सहयोग सदैव मिलता रहता है तथा मनोहर कहानियों के संस्थापक डॉ अभिषेक जी का सहयोग अतुलनीय है एशिया बुक का वर्ल्ड रिकॉर्ड के संस्थापक का सहयोग भी इन संस्था को सदैव मिलता रहा है हम सदैव उनके आभारी हैंl संस्था विशेष आभार प्रकट करना उन सभी हिंदी प्रेमियों का जिन्होंने समय पर हिंदी के प्रचार प्रसार में अपना अहम भूमिका निभाया है और हिंदी के मन को बढ़ाया है मुझे आशा और पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में हिंदी अपने लक्ष्य को जरूर प्राप्त करेगी जिससे हम भारतीयों का गौरव और मान और बढ़ेगा l Read More...
DNU Foundation की दृष्टि एक ऐसे समाज की है जहाँ शिक्षा की शक्ति से हर शिक्षक सशक्त हो और सभी को समान अवसर प्राप्त हों।
शिक्षकों के लिए प्रमाणन, कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें उनके अनमोल योगदान के लिए सशक्त बनाना।
शिक्षा के जरिए समाज में समान अवसर और समावेशन को बढ़ावा देना तथा सामुदायिक विकास को सुनिश्चित करना।
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ID: MEB48737528
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ID: MEB49325349
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ID: MEB49574139
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ID: MEB30299321
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ID: MEB48524573
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ID: MEB26817835
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ID: MEB66743351
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ID: MEB95192200
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